इश्क़ की रौशनी: फ़ुरक़ान एस खान की दिल छू लेने वाली ग़ज़ल

फ़ुरक़ान एस खान द्वारा रचित 'इश्क़ की रौशनी' ग़ज़ल में प्रेम की गहराई और उसके transformative प्रभाव का अनुभव करें। हिंदी में खूबसूरत कविता।

Monday, August 24, 2026
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इश्क़ की रौशनी: फ़ुरक़ान एस खान की दिल छू लेने वाली ग़ज़ल
“इश्क़ की रौशनी: फ़ुरक़ान एस खान की दिल छू लेने वाली ग़ज़ल”
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24 August 2026
इश्क़ की रौशनी: फ़ुरक़ान एस खान की दिल छू लेने वाली ग़ज़ल
Ghazal
हर सू बिखरी है अब इश्क़ की रौशनी, ज़िंदगी बन गई एक मीठी कहानी है। तेरी आँखों में देखी मैंने अपनी निशानी, हर धड़कन में तेरी ही तो रवानी है। लबों पर मेरे तेरा ही तो नाम है, हर साँस में तेरी ही ज़ुबानी है। ये कैसी मुहब्बत है, ये कैसा कमाल है, मेरी हर सुबह तेरी ही जिंदगानी है। 'फ़ुरक़ान' की ग़ज़लों में तेरा ही ज़िक्र है, हर शेर में तेरी ही तो निशानी है।
Kaafiya रौशनी, कहानी, निशानी, रवानी, ज़ुबानी, जिंदगानी Radeef है
F Poetry ByFurkan S Khan
Ghazal
जब से देखा है तुम्हें, दिल को तेरी तलाश है, हर लम्हा अब तेरी ही तो मुझे प्यास है। तेरे बिन सूनी हर राह, हर मंज़िल उदास है, ये कैसा इश्क़ है, तेरा ही तो एहसास है। तेरी चाहत में हर मुश्किल भी अब आसान है, तेरी ही यादों में अब हर पल की आस है। जो तू साथ हो, तो हर गम भी हसीन है, तेरी मुहब्बत ही तो मेरा लिबास है। 'फ़ुरक़ान' लिखता है अब तेरे ही नग्मे, तू ही तो मेरी ज़िंदगी का सबसे ख़ास है।
Kaafiya तलाश, प्यास, उदास, एहसास, आस, लिबास, ख़ास Radeef है
F Poetry ByFurkan S Khan

इश्क़ की रौशनी

Ghazal By Furkan S Khan

Kaafiya: रौशनी, कहानी, निशानी, रवानी, ज़ुबानी, जिंदगानी

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News Desk
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