उदासी का साया: Furkan S Khan की दर्द भरी ग़ज़ल

Furkan S Khan द्वारा लिखी गई उदासी पर एक मार्मिक ग़ज़ल, जो दिल की गहराइयों को छू जाती है।

Thursday, August 27, 2026
AMP 0 6
ह
हम और ज़िंदगी
NEWS CARD
Logo
उदासी का साया: Furkan S Khan की दर्द भरी ग़ज़ल
“उदासी का साया: Furkan S Khan की दर्द भरी ग़ज़ल”
Favicon
Vews
https://www.demo.vews.in/hum-aur-zindagi/udasi-ka-saya-furkan-s-khan-ki-dard-bhari-ghazal
Date
27 August 2026
उदासी का साया: Furkan S Khan की दर्द भरी ग़ज़ल
Ghazal
हर लम्हा एक उदासी का साया मुझपे छाया है ज़िंदगी एक वीरान सी लगती है, सूना जहाँ है। जो कभी थे अपने, वो अब पराये लगते हैं, दिल में बस इक अजब सा तन्हाई का गुमाँ है। यादों के धुएँ में खोया रहता हूँ अक्सर, हर खुशी जैसे बुझ चुकी, बेबस धुआँ है। चेहरे पे हँसी का मुखौटा है बस, अंदर, आँखों में नमी और दिल में गम का निशाँ है।
Kaafiya जहाँ, गुमाँ, धुआँ Radeef है
F Poetry ByFurkan S Khan

उदासी का साया

Ghazal — By Furkan S Khan

Kaafiya: जहाँ, गुमाँ, धुआँ  |  Radeef: है
हर लम्हा एक उदासी का साया मुझपे छाया है ज़िंदगी एक वीरान सी लगती है, सूना जहाँ है। जो कभी थे अपने, वो अब पराये लगते हैं, दिल में बस इक अजब सा तन्हाई का गुमाँ है। यादों के धुएँ में खोया रहता हूँ अक्सर, हर खुशी जैसे बुझ चुकी, बेबस धुआँ है। चेहरे पे हँसी का मुखौटा है बस, अंदर, आँखों में नमी और दिल में गम का निशाँ है।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0
Zainab Khatoon
लेखक

A passionate content creator sharing meaningful baby names, Islamic names and their beautiful meanings, along with the latest news and informative stories. Bringing knowledge, culture, and updates together.

Comments (0)

User