राहों का हौसला: फ़ुरक़ान एस ख़ान की प्रेरणादायक क़िता
फ़ुरक़ान एस ख़ान द्वारा रचित यह प्रेरणादायक क़िता आपको हर चुनौती का सामना करने और जीतने का जज़्बा जगाने के लिए प्रेरित करेगी। उठो, बढ़ो और सफलता की ओर कदम बढ़ाओ।
उठो, बढ़ो, न रुको, ये वक़्त तुम्हारा है,
हर चुनौती को तोड़ो, ये पैगाम हमारा है।
गिरना-उठना तो बस खेल है ज़िंदगी का,
जीतने का जज़्बा ही तो सहारा है।
Kaafiya तुम्हारा, हमारा, सहारा
Radeef है
F
Poetry ByFurkan S Khan
क्यों ढूंढे सहारा तू बाहर की दुनिया में,
तेरी शक्ति तो बस है तेरे ही सीना में।
जला दे वो आग जो सोई है अंदर कहीं,
उम्मीद की लौ जलती है तेरे ही आईना में।
Kaafiya दुनिया, सीना, आईना
Radeef में
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Poetry ByFurkan S Khan
ना सोचो कल का, आज को बेहतर बना लो,
अपने हर लम्हे में एक नया जोश जगा लो।
जो काम आज हो सकता है, उसे कर डालो,
सफलता की सीढ़ी तुम अभी से चढ़ा लो।
Kaafiya बना, जगा, चढ़ा
Radeef लो
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Poetry ByFurkan S Khan
राहों का हौसला
Qita — By Furkan S Khan
Kaafiya: तुम्हारा, हमारा, सहारा | Radeef: है
उठो, बढ़ो, न रुको, ये वक़्त तुम्हारा है,
हर चुनौती को तोड़ो, ये पैगाम हमारा है।
गिरना-उठना तो बस खेल है ज़िंदगी का,
जीतने का जज़्बा ही तो सहारा है।
Qita — By Furkan S Khan
Kaafiya: दुनिया, सीना, आईना | Radeef: में
क्यों ढूंढे सहारा तू बाहर की दुनिया में,
तेरी शक्ति तो बस है तेरे ही सीना में।
जला दे वो आग जो सोई है अंदर कहीं,
उम्मीद की लौ जलती है तेरे ही आईना में।
Qita — By Furkan S Khan
Kaafiya: बना, जगा, चढ़ा | Radeef: लो
ना सोचो कल का, आज को बेहतर बना लो,
अपने हर लम्हे में एक नया जोश जगा लो।
जो काम आज हो सकता है, उसे कर डालो,
सफलता की सीढ़ी तुम अभी से चढ़ा लो।
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