ज़िंदगी का सफ़र: एक खूबसूरत ग़ज़ल | Furkan S Khan

Furkan S Khan द्वारा लिखी गई ज़िंदगी के सफ़र पर एक मार्मिक ग़ज़ल, जिसमें जीवन के उतार-चढ़ाव और एहसासों का ज़िक्र है।

Sunday, August 30, 2026
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ज़िंदगी का सफ़र: एक खूबसूरत ग़ज़ल | Furkan S Khan
“ज़िंदगी का सफ़र: एक खूबसूरत ग़ज़ल | Furkan S Khan”
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30 August 2026
ज़िंदगी का सफ़र: एक खूबसूरत ग़ज़ल | Furkan S Khan
Ghazal
हर पल एक नया रंग, इक नयी बहार है, ज़िंदगी का सफ़र, तुझमें ही तो करार है। खुशियों के पल चुराए, ग़मों को भुलाए, हर एहसासों का तुझमें, होता इज़हार है।
Kaafiya बहार, करार, इज़हार Radeef है
F Poetry ByFurkan S Khan
Ghazal
कभी सीधी, कभी टेढ़ी, ये राहें अनजानी हैं, कभी भूलें, कभी यादें, सब कुछ यहाँ पुरानी हैं। हर मोड़ पे इक दास्ताँ, इक नयी निशानी है, ज़िंदगी की किताब में, हर लम्हा एक कहानी है।
Kaafiya अनजानी, पुरानी, कहानी Radeef है
F Poetry ByFurkan S Khan

बहार - खुशी, वसंत; करार - चैन, सुकून; इज़हार - प्रकट करना, व्यक्त करना

अनजानी - अपरिचित, अज्ञात; दास्ताँ - कहानी, कथा; निशानी - पहचान, चिह्न

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Zainab Khatoon
लेखक

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