ज़िंदगी का सफ़र: Furkan S Khan की दिल को छू लेने वाली ग़ज़ल

Furkan S Khan द्वारा लिखी गई यह ग़ज़ल ज़िंदगी के सफ़र, अनुभवों और अनकहे एहसासों को खूबसूरती से बयां करती है।

Thursday, August 27, 2026
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ज़िंदगी का सफ़र: Furkan S Khan की दिल को छू लेने वाली ग़ज़ल
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27 August 2026
ज़िंदगी का सफ़र: Furkan S Khan की दिल को छू लेने वाली ग़ज़ल
Ghazal
ज़िंदगी इक सफ़र है, मंज़िल कहाँ हर पल कुछ नया, यही है दास्ताँ कभी हँसी, कभी ग़म, सब चलता रहा इक नदी सी बहती, ये जहाँ कुछ कहा, कुछ अनकहा, वक़्त के साथ गुज़र जा
Kaafiya रहा, बहा, कहा Radeef जा
F Poetry ByFurkan S Khan
Ghazal
कभी धूप, कभी छाँव, ज़िंदगी है ये, जो मिला, वो पराया, जो खोया, वो साया हर लम्हा एक सबक, दिल में समाया इस जीवन की धारा में, बहते चला जा जो भी मिले, उसे अपना बनाता जा
Kaafiya छाया, पाया, समाया Radeef जा
F Poetry ByFurkan S Khan

ज़िंदगी का सफ़र

Ghazal — By Furkan S Khan

Kaafiya: रहा, बहा, कहा  |  Radeef: जा
ज़िंदगी इक सफ़र है, मंज़िल कहाँ हर पल कुछ नया, यही है दास्ताँ कभी हँसी, कभी ग़म, सब चलता रहा इक नदी सी बहती, ये जहाँ कुछ कहा, कुछ अनकहा, वक़्त के साथ गुज़र जा

Ghazal — By Furkan S Khan

Kaafiya: छाया, पाया, समाया  |  Radeef: जा
कभी धूप, कभी छाँव, ज़िंदगी है ये, जो मिला, वो पराया, जो खोया, वो साया हर लम्हा एक सबक, दिल में समाया इस जीवन की धारा में, बहते चला जा जो भी मिले, उसे अपना बनाता जा

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Zainab Khatoon
लेखक

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