यादों का साया: जुदाई पर दिल छू लेने वाली हिंदी शायरी | Furkan S Khan
जुदाई के दर्द और यादों के साये में डूबी यह दिलकश हिंदी शायरी, 'यादों का साया', आपके हर लम्हे को छू जाएगी। फ़ुरक़ान एस ख़ान की कलम से निकली यह कविता बिछड़ने के अहसास को बख़ूबी बयां करती है।
जुदाई: अलगाव, बिछड़ना, दूरी (Separation, parting, distance) सूना: खाली, वीरान (Empty, desolate) तरसाती: तड़पाना, बेचैन करना (To make restless, to long for) ज़ेहन: मन, दिमाग (Mind) अक्स: परछाई, प्रतिबिंब (Reflection, image) सिलसिला: क्रम, कड़ी (Sequence, chain) नमी: गीलापन, आँसू (Moisture, tears) सज़ा: दंड, तकलीफ़ (Punishment, suffering)
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