उदासी का सफर: दिल को छू लेने वाली हिंदी शायरी
फरकान एस खान द्वारा उदासी पर एक खूबसूरत शायरी, जो दिल के गहरे ज़ख्मों और ज़िंदगी की राहों की तन्हाई को बयां करती है।
एक उदासी है जो दिल से जाती नहीं
ज़िंदगी की राह अब भाती नहीं
हर तरफ़ ग़म का साया है गहरा
कोई उम्मीद की किरण नज़र आती नहीं
Kaafiya जाती, भाती, आती
Radeef नहीं
F
Poetry ByFurkan S Khan
खामोशी में भी एक शोर छुपा है
हर आंसू में गहरा राज़ दबा है
क्या कहूँ, क्या लिखूँ इस ग़म को
जब हर लफ्ज़ मेरा आज खफा है
Kaafiya छुपा, दबा, खफा
Radeef है
F
Poetry ByFurkan S Khan
तकदीर ने कैसा खेल खेला है
हर तरफ़ बस ग़म का मेला है
दिल में दर्द की आग लगी है
और कोई नहीं जो साथ अकेला है
Kaafiya खेला, मेला, अकेला
Radeef है
F
Poetry ByFurkan S Khan
उदासी का सफर
Shayari — By Furkan S Khan
Kaafiya: जाती, भाती, आती | Radeef: नहीं
एक उदासी है जो दिल से जाती नहीं
ज़िंदगी की राह अब भाती नहीं
हर तरफ़ ग़म का साया है गहरा
कोई उम्मीद की किरण नज़र आती नहीं
Shayari — By Furkan S Khan
Kaafiya: छुपा, दबा, खफा | Radeef: है
खामोशी में भी एक शोर छुपा है
हर आंसू में गहरा राज़ दबा है
क्या कहूँ, क्या लिखूँ इस ग़म को
जब हर लफ्ज़ मेरा आज खफा है
Shayari — By Furkan S Khan
Kaafiya: खेला, मेला, अकेला | Radeef: है
तकदीर ने कैसा खेल खेला है
हर तरफ़ बस ग़म का मेला है
दिल में दर्द की आग लगी है
और कोई नहीं जो साथ अकेला है
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