उदासी की छाँव: Furkan S Khan की दिल छू लेने वाली कविता
Furkan S Khan द्वारा लिखी गई 'उदासी की छाँव' कविता, जीवन के अकेलेपन और दुख को गहराई से बयां करती है।
उदासी: दुख, गम। सूनापन: खालीपन, वीरानगी। रौनक: चमक, शोभा। बेगानी: पराई, अजनबी।
अश्क: आँसू। सैलाब: बाढ़, बहुत ज़्यादा। खलती है: महसूस होती है, चुभती है। तन्हाई: अकेलापन।
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