प्रेरणादायक ग़ज़ल: उम्मीद की किरण | Furkan S Khan
Furkan S Khan द्वारा लिखी गई यह प्रेरणादायक ग़ज़ल 'उम्मीद की किरण' आपको जीवन की मुश्किलों में हौसला और आगे बढ़ने की प्रेरणा देगी।
हर मुश्किल राह में एक मंज़िल वहाँ है,
जो हौसला न हारे, उसकी जीत वहाँ है।
अंधेरों से न डर, रौशनी कहीं और नहीं,
तेरे अंदर ही वो उम्मीद की किरण वहाँ है।
हर ठोकर तुझे कुछ सिखाने को आती है,
गिरकर उठना ही तो ज़िंदगानी वहाँ है।
मत कर मायूस, ये लम्हा भी गुज़र जाएगा,
कल का सूरज नई उम्मीद लेकर वहाँ है।
'फ़ुरकान' तू चला चल, मंज़िल मिलेगी ज़रूर,
जो कोशिश करे, उसका मुक़द्दर वहाँ है।
Kaafiya जहाँ, जहाँ, वहाँ, जहाँ
Radeef है
F
Poetry ByFurkan S Khan
तू पंछी है खुला, तेरी ये उड़ान है,
मत डर गिरने से, यही तेरी पहचान है।
बुलंदियों को छू ले, ये तेरा फ़र्ज़ है,
ज़माने को दिखा अपनी असली शान है।
जो तू चाहे वो पा सकता है, यकीन रख,
तेरे हुनर का दुनिया में बड़ा मान है।
रास्ते मुश्किल सही, पर नामुमकिन नहीं,
हर सफ़र में एक नया जहान है।
'फ़ुरकान' तू बढ़ता चल, मंज़िल तेरी राह देखे,
तेरी मेहनत ही तेरी पहचान है।
Kaafiya उड़ान, पहचान, शान, मान
Radeef है
F
Poetry ByFurkan S Khan
उम्मीद की किरण
Ghazal — By Furkan S Khan
Kaafiya: जहाँ, जहाँ, वहाँ, जहाँ | Radeef: है
हर मुश्किल राह में एक मंज़िल वहाँ है,
जो हौसला न हारे, उसकी जीत वहाँ है।
अंधेरों से न डर, रौशनी कहीं और नहीं,
तेरे अंदर ही वो उम्मीद की किरण वहाँ है।
हर ठोकर तुझे कुछ सिखाने को आती है,
गिरकर उठना ही तो ज़िंदगानी वहाँ है।
मत कर मायूस, ये लम्हा भी गुज़र जाएगा,
कल का सूरज नई उम्मीद लेकर वहाँ है।
'फ़ुरकान' तू चला चल, मंज़िल मिलेगी ज़रूर,
जो कोशिश करे, उसका मुक़द्दर वहाँ है।
Ghazal — By Furkan S Khan
Kaafiya: उड़ान, पहचान, शान, मान | Radeef: है
तू पंछी है खुला, तेरी ये उड़ान है,
मत डर गिरने से, यही तेरी पहचान है।
बुलंदियों को छू ले, ये तेरा फ़र्ज़ है,
ज़माने को दिखा अपनी असली शान है।
जो तू चाहे वो पा सकता है, यकीन रख,
तेरे हुनर का दुनिया में बड़ा मान है।
रास्ते मुश्किल सही, पर नामुमकिन नहीं,
हर सफ़र में एक नया जहान है।
'फ़ुरकान' तू बढ़ता चल, मंज़िल तेरी राह देखे,
तेरी मेहनत ही तेरी पहचान है।
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