ख़ुशी की तलाश: दिल छू लेने वाली हिंदी ग़ज़ल | फ़ुरक़ान एस ख़ान

ख़ुशी पर आधारित यह दिलकश हिंदी ग़ज़ल पढ़ें, जहाँ हर शेर ज़िंदगी में सुकून, प्यार और आशा की तलाश को बयां करता है। फ़ुरक़ान एस ख़ान की कलम से निकली यह कविता आपको प्रेरित करेगी।

Sunday, September 20, 2026
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ख़ुशी की तलाश: दिल छू लेने वाली हिंदी ग़ज़ल | फ़ुरक़ान एस ख़ान
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20 September 2026
ख़ुशी की तलाश: दिल छू लेने वाली हिंदी ग़ज़ल | फ़ुरक़ान एस ख़ान
Ghazal
जब मन में सुकून का इक गुल मिल जाए, हर दर्द का जैसे कोई हल मिल जाए। ये ज़िंदगी हसीं हो जाए पल भर में, गर प्यार भरा कोई संबल मिल जाए। नज़रें तलाशती फिरें क्या-क्या जहाँ में, जो रूह को सच्ची कोई ढाल मिल जाए। भटकन मिटे, मंज़िलें खुद ही झुकें, जब जीने का नया इक फल मिल जाए। उम्मीदों की किरणें फूटें अँधेरे में, गर साथ में मीठा कोई कल मिल जाए। फिर किस बात का डर हो इस फ़ानी दुनिया में, जो हर साँस में ख़ुशी का बल मिल जाए।
Kaafiya गुल, हल, संबल, ढाल, फल, कल, बल Radeef मिल जाए
F Poetry ByFurkan S Khan

सुकून: शांति, चैन गुल: फूल संबल: सहारा, आधार ढाल: सुरक्षा कवच, बचाव फ़ानी: नश्वर, क्षणभंगुर बल: शक्ति, ताक़त

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Mahira Noor
संपादक

A passionate poet who weaves emotions into beautiful words. Writing about love, heartbreak, dreams, and life, one verse at a time.

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