जीवन का रंग: फरकान एस खान की प्रेरणादायक किता
फरकान एस खान द्वारा रचित 'जीवन का रंग' एक सुंदर किता है जो जीवन के बदलते रंगों, खुशियों और गमों को दर्शाती है, और हर पल को जीने की प्रेरणा देती है।
जीवन एक रंग है, हर पल में बदलता जाए,
कभी खुशी की लहर, कभी गम में पिघलता जाए।
जो समझे इस रहस्य को, वो हर पल संभलता जाए,
बस जीते रहो तुम, हर साँस से निकलता जाए।
Kaafiya बदलता, पिघलता, संभलता, निकलता
Radeef जाए
F
Poetry ByFurkan S Khan
जीवन एक धुन है, हर पल को तू सुन ले,
कभी खुशी के गीत, कभी गम भी गुन ले।
जो समझे इस राज़ को, हर सपना वो बुन ले,
बस जीते रहो तुम, अपनी राह खुद चुन ले।
Kaafiya सुन, गुन, बुन, चुन
Radeef ले
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Poetry ByFurkan S Khan
जीवन का रंग
Qita — By Furkan S Khan
Kaafiya: बदलता, पिघलता, संभलता, निकलता | Radeef: जाए
जीवन एक रंग है, हर पल में बदलता जाए,
कभी खुशी की लहर, कभी गम में पिघलता जाए।
जो समझे इस रहस्य को, वो हर पल संभलता जाए,
बस जीते रहो तुम, हर साँस से निकलता जाए।
Qita — By Furkan S Khan
Kaafiya: सुन, गुन, बुन, चुन | Radeef: ले
जीवन एक धुन है, हर पल को तू सुन ले,
कभी खुशी के गीत, कभी गम भी गुन ले।
जो समझे इस राज़ को, हर सपना वो बुन ले,
बस जीते रहो तुम, अपनी राह खुद चुन ले।
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