जब रूह जिस्म से जुदा होगी: एक इस्लामी कविता मौत पर
यह कविता मौत की अनिवार्यता और कर्मों के महत्व पर प्रकाश डालती है, जो इस्लामी शिक्षाओं पर आधारित है।
क़ज़ा: मृत्यु, मौत का बुलावा। रब: ईश्वर, अल्लाह। आमाल: कर्म, अच्छे कार्य। लाज: मान, इज़्ज़त।
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