ग़म का हाल: दिल की उदासी पर एक मार्मिक ग़ज़ल | Furkan S Khan
Furkan S Khan द्वारा रचित "ग़म का हाल" एक मार्मिक ग़ज़ल है जो दिल की उदासी, दर्द भरे विचारों और जीवन के सवालों को गहराई से दर्शाती है। इस भावुक कविता में छिपे हर शब्द में एक कहानी है।
ग़म का हाल: दुख की स्थिति। ख़्याल: विचार, सोच। सवाल: प्रश्न। जमाल: सुंदरता, यहाँ भाग्य या नियति की एक अजीब सुंदरता के अर्थ में। जाल: फंदा, यहाँ उदासी का फंदा या घेरा।
खामोश अश्क: अनकहे आँसू, छिपे हुए आँसू। असर: प्रभाव। सफ़र: यात्रा। नज़र: दृष्टि, निगाह। हुनर: कला, कौशल। बहर: समुद्र, यहाँ गहराई या बड़ी मात्रा के अर्थ में।
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